फिल्मी दुनिया और अपराध जगत की कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है। निर्देशक Aditya Dhar की फिल्म ‘धुरंधर-2’ में दिखाया गया ‘आतिफ अहमद’ का किरदार उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया Atiq Ahmed से प्रेरित माना जा रहा है। फिल्म की रिलीज के साथ ही अतीक अहमद के अपराध, राजनीति और उसके अंत तक के सफर को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।
प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) के एक साधारण परिवार में जन्मे Atiq Ahmed ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। हाईस्कूल में असफल होने के बाद उसने तेजी से पैसा कमाने के लिए गलत रास्ता चुना और रंगदारी, धमकी तथा हत्या जैसे अपराधों में शामिल हो गया। महज 17 साल की उम्र में उस पर पहला हत्या का आरोप लगा, जिसके बाद उसने अपराध की दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बना ली।
समय के साथ Atiq Ahmed ने प्रयागराज और आसपास के इलाकों में अपना दबदबा कायम कर लिया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, जमीन कब्जा और रंगदारी जैसे 100 से अधिक मामले दर्ज हुए। इसके बावजूद उसने राजनीति में भी अपनी जगह बनाई और 1989 में पहली बार विधायक बना। बाद में वह कई बार विधायक और 2004 में फूलपुर से सांसद भी चुना गया।
अतीक अहमद के आपराधिक इतिहास में 2005 का विधायक Raju Pal हत्याकांड सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इस मामले में अतीक और उसके भाई अशरफ का नाम सामने आया। इस केस के मुख्य गवाह Umesh Pal की 2023 में हत्या कर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने अतीक और उसके नेटवर्क पर शिकंजा कसना और तेज कर दिया।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद हालात तेजी से बदले। अतीक का बेटा Asad Ahmed पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि खुद Atiq Ahmed को गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया। 15 अप्रैल 2023 को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय अतीक और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसे देशभर ने लाइव देखा।
अब फिल्म ‘धुरंधर-2’ में इसी कहानी से प्रेरित किरदार ‘आतिफ अहमद’ को दिखाया गया है, जो अपराध और राजनीति के गठजोड़ को दर्शाता है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि नकली नोटों के नेटवर्क और चुनावी साजिशों में यह किरदार अहम भूमिका निभाता है। हालांकि यह एक काल्पनिक प्रस्तुति है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक घटनाओं ने दर्शकों के बीच इसे और भी चर्चा का विषय बना दिया है।

