बिहार विधानसभा चुनाव इस बार दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। चुनाव का परिणाम 14 नवंबर को घोषित किया जाएगा।
पहले चरण के लिए अधिसूचना 10 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर तय की गई है। वहीं, दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी। इसके लिए नामांकन की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर होगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस बार बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। इनमें 14 लाख ऐसे युवा शामिल हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। सभी नए वोटरों को वोटर आईडी कार्ड जारी कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने इस बार कई नए प्रावधान लागू किए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जा सके।
एक पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता होंगे ताकि भीड़ न हो। पूरे बिहार में कुल 90,700 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से 1,044 बूथ पूरी तरह से महिलाओं द्वारा संचालित होंगे और करीब 1,000 मॉडल बूथ भी होंगे। सभी पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर होंगे ताकि बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को असुविधा न हो।
चुनाव के दौरान मतदाता अपना मोबाइल फोन पोलिंग स्टेशन तक ले जा सकेंगे। पोलिंग स्टेशन के बाहर मोबाइल जमा करने की व्यवस्था होगी और मतदान के बाद मोबाइल वापस लिया जा सकेगा।
हर विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा, जो दूसरे राज्यों से आए वरिष्ठ अधिकारी होंगे। इनके संपर्क नंबर ECINET पोर्टल और आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। चुनाव से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए मतदाता 1950 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। कॉल करने से पहले संबंधित क्षेत्र का एसटीडी कोड और +91 लगाना जरूरी होगा।
चुनाव के दौरान अवैध नकदी, शराब, या अन्य गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी। साथ ही उम्मीदवारों के चुनाव खर्च पर भी नजर रखी जाएगी। कुल 8.5 लाख से अधिक चुनाव कर्मी इस चुनाव प्रक्रिया में भाग लेंगे। चुनाव आयोग ने इस बार कुल 17 नए सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिन्हें आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।

