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‘वेलकम होम’: तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर में गाजा से रिहा बंधकों का भव्य स्वागत, ट्रंप को लोगों ने कहा- थैंक्यू l

गाजा में दो साल की कैद के बाद हमास द्वारा 20 जीवित इजरायली बंधकों की रिहाई ने तेल अवीव और पूरे इजरायल में खुशी की लहर दौड़ा दी है। रविवार को तेल अवीव के होस्टेज स्क्वायर में हजारों नागरिक झंडे और फूलों के साथ बंधकों का दिल खोलकर स्वागत करते दिखे। यह रिहाई इस क्षेत्र के लंबे संघर्ष के बाद शांति की एक उम्मीद जगाती है।

हमास ने दो साल से अधिक समय तक बंदी बनाए गए 20 जीवित बंधकों को अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के प्रतिनिधियों को सौंपा, जो इजरायली सैन्य सुविधा को सौंपे गए। पहली कड़ी में सात बंधकों को छोड़ा गया, जबकि बाकी का क्रमवार रिहाई जारी है। इस रिहाई की खबर के तुरंत बाद इजरायली टीवी चैनलों ने इसे प्रमुख सुर्खियों में प्रस्तुत किया। तेल अवीव में होस्टेज स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग बंधकों को लेकर उत्साहित थे, उनकी वापसी को एक नई शुरुआत बताया। परिवारों और दोस्तों ने भावुक होते हुए खुशियों के आंसू बहाए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने मध्य पूर्व शांति समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, आ रहे हैं, और स्थानीय लोगों ने उन्हें इस ऐतिहासिक समझौते के लिए खुलकर धन्यवाद कहा। ट्रंप ने इस समझौते को क्षेत्र में स्थिरता और शांति की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “युद्ध अब समाप्त हुआ है।” ट्रंप की इस यात्रा का मकसद शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है, जिसमें गाजा में प्रादेशिक व्यवस्था के लिए एक नया मॉडल भी शामिल है।

रिहाई को लेकर सभी पक्षों में सहमति बनी है कि इस समझौते के बाद दोनों ओर से कैदियों का रिहाई जारी रहेगी। इजरायल लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। ऐसे में यह समझौता दो दशक से अधिक चले तनावपूर्ण मध्य पूर्व संघर्ष में एक नई दिशा की ओर संकेत कर रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री समेत अन्य अधिकारियों ने इस शांति प्रक्रिया को देश के लिए एक एकजुटता का क्षण बताया है।

गाजा से बंधकों की रिहाई और उन्हें होस्टेज स्क्वायर में विस्तृत स्वागत के साथ, इजरायल और फिलिस्तीन में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता ने इस प्रक्रिया को संभव बनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे क्षेत्र में शांति के नए अध्याय की उम्मीद जगी है, जहां मानवता की जीत और संघर्ष मुक्त जीवन की चाह सर्वोपरि है।​

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