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मोकामा में सियासी बवाल: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर आचार संहिता उल्लंघन का केस

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा सीट से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि ललन सिंह ने अपने भाषण में वोटरों को घर में कैद करने जैसी बात कही थी। इस मामले में चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। वहीं, इस बयान के बाद सियासी बवाल मच गया है। विपक्षी दल आरजेडी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है और सीधे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल, जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थन में मोकामा में एक सभा के दौरान ललन सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कहते नजर आए – “यहां के कुछ नेता हैं जिनको चुनाव के दिन निकलने मत दीजिएगा, घर में बंद कर दीजिएगा। अगर ज्यादा हाथ-पैर जोड़े तो अपने साथ ले जाकर वोट गिरा देना।” इस बयान को लेकर आरजेडी ने मोर्चा खोल दिया है और कहा है कि यह सीधे तौर पर वोटरों को डराने-धमकाने की कोशिश है।

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, “मैं तो सीधा पूछता हूं – चुनाव आयोग है कहां? केंद्रीय मंत्री खुलेआम कहते हैं कि लोगों को घर से मत निकलने दो, और आयोग चुप है। क्या अब भी इसे निष्पक्ष चुनाव कहा जाएगा?” वहीं, आरजेडी नेता रोहिणी आचार्य ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “ललन सिंह निर्वाचन आयोग की छाती पर बुलडोजर चलाकर लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं, और आयोग खामोश बैठा है।”

इस पूरे मामले पर निर्वाचन आयोग ने भी संज्ञान लिया है और कहा है कि स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि आयोग ललन सिंह को नोटिस भेज सकता है।

उधर, जेडीयू और बीजेपी नेताओं ने ललन सिंह का बचाव किया है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि “ललन सिंह पार्टी के वरिष्ठतम नेता हैं और उनके बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। अगर कानून के तहत कोई सवाल पूछा जाएगा तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ जवाब देंगे।” वहीं, मंत्री नितिन नवीन ने आरजेडी पर पलटवार करते हुए कहा कि “वोटरों पर दबाव डालने का काम अगर कोई करता है, तो वो आरजेडी वाले हैं।”

मोकामा सीट इस बार बिहार चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक बन चुकी है। जेडीयू के अनंत सिंह के जेल जाने के बाद अब ललन सिंह ने उनके लिए प्रचार की जिम्मेदारी संभाली है। लेकिन उनके इस विवादित बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है, जिससे सियासी हलकों में नई हलचल मच गई है।

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