बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कई जगहों पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी और ‘स्लो वोटिंग’ के आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि जानबूझकर महागठबंधन के मजबूत बूथों पर वोटिंग की रफ्तार धीमी कराई जा रही है ताकि समर्थक वोट डालने से वंचित रह जाएं।
राजद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रथम चरण की वोटिंग के दौरान कई बूथों पर बीच-बीच में बिजली काटी जा रही है, जिससे मतदान की प्रक्रिया बाधित हो रही है। पार्टी ने दावा किया कि साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में कई बूथों पर मतदाताओं को यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि उनका वोट पहले ही डाल दिया गया है।
एक अन्य पोस्ट में राजद ने मोहिउद्दीननगर विधानसभा के बूथ संख्या 106, 107 और 108 पर पुलिसकर्मियों पर मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार करने और धमकाने के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने लिखा कि पुलिस बिना किसी कारण के लोगों के घरों में घुसकर उन्हें पीट रही है, जिससे डर का माहौल बन गया है।
राजद प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी दानापुर क्षेत्र से एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नसीरगंज घाट पर पुलिस मतदाताओं को नाव से बूथ तक जाने नहीं दे रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत संज्ञान लेने और निष्पक्षता साबित करने की मांग की है।
राजद ने कहा कि इन घटनाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की साख पर सवाल उठ रहे हैं और चुनाव आयोग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह संविधान के साथ खिलवाड़ है और आयोग को ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाना चाहिए।
हालांकि, चुनाव आयोग ने राजद के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि “स्लो वोटिंग” या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के आरोप पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। आयोग ने कहा कि पूरे बिहार में मतदान सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। साथ ही बताया गया कि सभी मतदान केंद्रों पर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या को तुरंत सुलझाने के लिए अधिकारियों को सतर्क किया गया है। वहीं, कई जिलों में मतदान अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया पर कोई सवाल न उठे।

