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अखिलेश यादव का बड़ा दावा: बिहार में महागठबंधन की सरकार तय, रिकॉर्ड वोटिंग ने बदल दिया खेल

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग पूरी हो चुकी है और इसके तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा राजनीतिक बयान दे दिया है। अखिलेश यादव ने दावा किया है कि “चुनाव आधी सीटों पर हुआ है लेकिन फ़ैसला पूरा आ गया है, बिहार में महागठबंधन की सरकार बन रही है।” अखिलेश का यह बयान पहले चरण की वोटिंग खत्म होते ही चर्चा में आ गया।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर 1314 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। गुरुवार को हुई इस वोटिंग में राज्य के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले फेज में 64.69 फीसदी मतदान हुआ, जो 2020 के विधानसभा चुनाव में दर्ज हुए करीब 56 फीसदी मतदान की तुलना में काफी अधिक है। इसे अब तक का सबसे ज्यादा मतदान माना जा रहा है।

पहले चरण की वोटिंग के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बिहार में इस बार महागठबंधन की सरकार बनना तय है। उन्होंने इसे “इंडिया गठबंधन की एकजुटता और सकारात्मक राजनीति का नया दौर” बताया।

वहीं, रिकॉर्ड वोटिंग के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने दावे किए हैं। आरजेडी नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने बंपर वोटिंग कर महागठबंधन की जीत पक्की कर दी है। उन्होंने जनता को सलाम करते हुए कहा कि यह भरोसे और बदलाव का वोट है।

उधर, बीजेपी की ओर से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि पहले चरण में जिन सीटों पर मतदान हुआ है, उनमें से लगभग 100 सीटें एनडीए जीतने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार एनडीए 2010 के 206 सीटों के रिकॉर्ड को भी पार करेगा।

जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि यह भारी मतदान बिहार में बदलाव की इच्छा का संकेत है और 14 नवंबर को नई सरकार बनेगी। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी कहा कि यह साफ संकेत है कि इस बार जनता ने ‘इंडिया गठबंधन’ को स्पष्ट बहुमत देने का फैसला किया है।

243 सीटों वाले बिहार विधानसभा चुनाव का यह मुकाबला कई मायनों में खास माना जा रहा है। एक ओर एनडीए 20 साल के ‘सुशासन’ के एजेंडे के साथ मैदान में है, वहीं विपक्षी गठबंधन ‘हर घर नौकरी’ जैसे वादों और सत्ता विरोधी लहर पर भरोसा जता रहा है। यह चुनाव 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के राजनीतिक रुझान का भी एक अहम संकेत बन सकता है। दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

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