बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के अंतिम यानी दूसरे चरण के लिए आज 122 सीटों पर मतदान हो रहा है। इस चरण में कुल 3.7 करोड़ मतदाता 1302 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे, जिनमें कई बड़े नेता और पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। राज्य की सीमांचल और मगध की सीटों पर इस बार जबर्दस्त मुकाबला है, जिससे कई सियासी दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
वोटिंग का माहौल और सुरक्षा
11 नवंबर को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया, जो शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग ने जिले और मतदान केंद्रों पर भारी सुरक्षा तैनात की है, सीमांचल के संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई है। मतदान के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य रखा गया है। प्रमुख उम्मीदवारों ने सुबह-सुबह अपने-अपने क्षेत्र में मतदान किया और जनता से ज्यादा से ज्यादा वोटिंग की अपील की।
चुनावी समीकरण, मुद्दे और संघर्ष
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए और तेजस्वी यादव की महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है। रोजगार, शिक्षा, महंगाई, किसान, कानून व्यवस्था, जातीय समीकरण और नए सामाजिक गठजोड़ इस चुनाव के बड़े मुद्दे हैं। सीमांचल व पूर्वी बिहार की कई सीटें इस बार निर्णायक भूमिका निभाएंगी, जहां कई मंत्रियों और विपक्षी नेताओं का राजनीतिक भविष्य तय होगा।
क्या है चुनाव का कार्यक्रम
बिहार विधानसभा के दोनों चरणों की मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिससे राज्य की 243 सीटों का परिणाम सामने आएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, इस बार 8 करोड़ से अधिक मतदाता चुनाव में भाग ले रहे हैं, जिनमें करीब 17 लाख पहली बार वोट डाल रहे हैं। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए विशेष व्यवस्थाएँ लागू की हैं।
मतदान केंद्रों पर रुझान और जनता की भागीदारी
बिहार के प्रमुख जिलों—सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, गया, जहानाबाद, कैमूर, रोहतास—में वोटिंग को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही लोग कतार में लगकर अपने-अपने प्रत्याशी के समर्थन में वोट डाल रहे हैं। बुजुर्ग और युवा, सभी वर्ग लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
आज का दिन बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे सकता है, क्योंकि सीमांचल के रुझान और दिग्गज नेताओं की जीत—हार राज्य की भविष्य की दिशा तय करेंगे।

