बिहार विधानसभा चुनाव की तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने अप्रत्याशित रूप से शानदार प्रदर्शन किया है। एनडीए 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन की हालत बेहद खराब नज़र आ रही है और वह करीब 38 सीटों पर सिमटता दिखाई दे रहा है। भाजपा अपने दम पर 91 सीटों पर आगे है और जेडीयू 79 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इससे साफ है कि बिहार चुनाव में मतदाताओं ने एक बार फिर नीतीश कुमार और एनडीए पर भरोसा जताया है।
इस भारी जीत ने एनडीए खेमे में जोश भर दिया है। कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि एनडीए के शीर्ष नेताओं ने भी सार्वजनिक तौर पर 160 सीटों से ज्यादा की उम्मीद नहीं जताई थी, जबकि एग्जिट पोल्स ने भी एनडीए को इतनी बड़ी जीत मिलने की भविष्यवाणी नहीं की थी। ऐसे में यह जीत एनडीए के लिए अप्रत्याशित और मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुई है।
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक जेडीयू कार्यकर्ता अपनी खुशी जाहिर करते हुए एक हाथ में तीर लेकर लालटेन और कट्टे पर निशाना साधता नजर आ रहा है। लालटेन राजद का चुनाव चिन्ह है, जबकि चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए ने अक्सर राजद पर “कट्टा राजनीति” करने का आरोप लगाया था। तस्वीर में लालटेन का शीशा टूटा हुआ भी दिखाई देता है, जो संदेश देता है कि “तीर” ने “लालटेन” को पूरी तरह चकनाचूर कर दिया है। यह तस्वीर राजद की चुनावी गिरावट का प्रतीक बनकर सामने आई है।
इस चुनाव में राजद अपने इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी हार की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। इससे पहले 2010 के चुनाव में राजद केवल 22 सीटों पर सिमट गई थी और इस बार उसे करीब 25 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। हालात इतने खराब हैं कि पार्टी के घोषित सीएम चेहरा तेजस्वी यादव भी अपनी राघवपुर सीट पर लगातार कड़ी टक्कर झेल रहे हैं और कभी आगे तो कभी पीछे होते दिख रहे हैं।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में मिली इस भारी जीत ने राजनीतिक माहौल बदल दिया है और यह परिणाम बताता है कि चुनाव में एनडीए का तीर इस बार पूरी ताकत से चला और राजद की लालटेन बुझती हुई दिखाई दी।

