राजकोट में इंडिया ए और साउथ अफ्रीका ए के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे में भारतीय गेंदबाज पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। मैच की शुरुआत से ही साउथ अफ्रीका के दोनों ओपनर भारतीय अटैक पर भारी पड़े और लगातार आक्रामक बल्लेबाजी करते रहे। लुहान-ड्री प्रिटोरियस और रिवाल्डो मूनसैमी ने मिलकर भारतीय गेंदबाजों की ऐसी धुनाई की कि टीम इंडिया 8 अलग-अलग गेंदबाजों का इस्तेमाल करने के बावजूद एक भी सफलता हासिल नहीं कर सकी। दोनों बल्लेबाजों ने शतक जमाए और भारतीय गेंदबाजी की कमियों को खुलकर उजागर कर दिया।
लुहान-ड्री प्रिटोरियस ने शुरुआत से ही अटैकिंग मोड अपनाया और सिर्फ 98 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। वहीं, रिवाल्डो ने संयमित लेकिन मजबूत बल्लेबाजी करते हुए 123 गेंदों में शतक ठोका। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 241 रनों की विशाल साझेदारी बनाई और पाटा पिच का पूरा फायदा उठाया। गेंदबाज लाइन, लेंथ और वैरिएशन किसी भी तरीके से इन ओपनरों को रोक नहीं सके और पूरे मैदान में रन लुटते रहे।
यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब साउथ अफ्रीका की सीनियर टीम ने भी कोलकाता टेस्ट में भारत को मात दी है। ऐसे में ए टीम द्वारा यह दबदबा साउथ अफ्रीकी क्रिकेट के आत्मविश्वास को और मजबूत करता दिख रहा है। खास बात यह है कि सिर्फ 19 साल के प्रिटोरियस ने अपनी विस्फोटक क्षमता दिखाते हुए इंडिया ए के खिलाफ 6 बड़े छक्के लगाए, जो आने वाली अंतरराष्ट्रीय सीरीज में टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।
उधर इंडिया ए की ओर से ओपनर ऋतुराज गायकवाड़ लगातार प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने तीन मैचों में शानदार फॉर्म दिखाते हुए 185 की औसत से 185 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। उनके बाद तिलक वर्मा ने भी अच्छी बल्लेबाजी करके टीम को मजबूती दी है। हालांकि अभिषेक शर्मा अभी तक उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं और लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच अब अगली चुनौती वनडे सीरीज की होगी, जिसमें तीन मैच खेले जाएंगे। इस सीरीज से पहले प्रिटोरियस की फॉर्म साउथ अफ्रीका के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है, जबकि भारत के लिए यह संकेत है कि गेंदबाजों को अपनी रणनीति में तेजी से सुधार करना होगा।

