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संविधान दिवस पर बड़ा हलचल: संसद में राष्ट्रपति का संबोधन, दिल्ली में मुठभेड़ और देहरादून में बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार

देश आज 75वां संविधान दिवस मना रहा है और इस ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ सामने आईं। सुबह संसद भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं, जहाँ वह संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी। कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने वक्तव्य में अनुच्छेद 370 का ज़िक्र किया, वहीं दूसरी ओर उनके पास ही राहुल गांधी उपस्थित थे।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों के नाम पत्र जारी कर संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी और देश की लोकतांत्रिक विरासत को याद किया।

दिल्ली में देर रात पटेल नगर इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस ने वांटेड अपराधी मेहताब को गिरफ्तार कर लिया है, जो हत्या के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा किए जाने पर मेहताब ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। मुठभेड़ में मेहताब को गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसी दौरान दिल्ली वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ऑपरेशन कवच 11 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 166 लोगों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।

उधर उत्तराखंड में ऑपरेशन कालनेमी के दौरान देहरादून पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला बबली बेगम को गिरफ्तार किया है, जो भूमि शर्मा नाम से नकली भारतीय दस्तावेज़ बनाकर रह रही थी। महिला ने पूछताछ में बताया कि वह कोविड-19 के दौरान अवैध रूप से भारत में घुसी थी और 2022 में देहरादून के एक व्यक्ति से शादी कर फर्जी दस्तावेज प्राप्त किए थे। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

इधर, आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशासनिक ढाँचे को और सुदृढ़ करने के लिए तीन नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मरकापुरम, मदनपल्ले और पोलावरम जिलों के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके साथ ही राज्य में कुल जिलों की संख्या अब 29 हो जाएगी। साथ ही पाँच नए रेवेन्यू डिवीजन और एक नया मंडल बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया है।
नए जिलों में मरकापुरम जिला येर्रागोंडापलेम, मरकापुरम, कनिगिरी और गिड्डालुरु रेवेन्यू डिवीजन के साथ बनाया जाएगा, जबकि मदनपल्ली जिला मदनपल्ली, पुंगनुरु और पीलेरू रेवेन्यू डिवीजनों को मिलाकर बनेगा। पोलावरम जिले में भी कई प्रशासनिक पुनर्गठन किए गए हैं।

संविधान दिवस के दिन देशभर में हो रही ये घटनाएँ प्रशासनिक सख्ती, सुरक्षा व्यवस्था और शासन से जुड़े बड़े फैसलों को एक साथ उजागर करती हैं।

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