न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में विराट कोहली ने एक बार फिर अपने शानदार फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा और कई बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। भले ही यह पारी टीम इंडिया को जीत न दिला सकी, लेकिन कोहली की बल्लेबाजी ने क्रिकेट इतिहास में कई पुराने कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया।
इंदौर के होल्कर स्टेडियम में विराट कोहली ने 108 गेंदों पर 124 रनों की बेहतरीन पारी खेली। यह उनके इंटरनेशनल करियर का 85वां शतक और वनडे क्रिकेट में 54वां शतक था। इस पारी के साथ ही कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए और उन्होंने रिकी पोंटिंग तथा वीरेंद्र सहवाग के रिकॉर्ड तोड़ दिए।
इस शतक के जरिए विराट कोहली ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इंदौर दुनिया का 35वां ऐसा मैदान बन गया, जहां कोहली ने इंटरनेशनल शतक लगाया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 34 अलग-अलग मैदानों पर शतक जमाए थे। यह रिकॉर्ड विराट कोहली की निरंतरता और लंबी क्रिकेट यात्रा को दर्शाता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सभी फॉर्मेट मिलाकर यह विराट कोहली का 10वां शतक रहा। इसके साथ ही वह इस टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सूची में जैक्स कैलिस, जो रूट और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा, जिनके नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 9-9 शतक दर्ज हैं।
वनडे फॉर्मेट में न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली का यह सातवां शतक था। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने रिकी पोंटिंग और वीरेंद्र सहवाग के छह-छह शतकों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। खास बात यह रही कि कोहली ने यह कारनामा केवल 36 पारियों में कर दिखाया, जबकि अन्य बल्लेबाजों को इसके लिए कहीं अधिक पारियां खेलनी पड़ीं।
हालांकि, विराट कोहली की इस शानदार पारी के बावजूद भारत 338 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 296 रन पर ऑलआउट हो गया और मुकाबला हार गया। यह विराट के करियर का नौवां ऐसा शतक रहा, जिसमें टीम इंडिया को जीत नहीं मिल सकी। इस सूची में सबसे ऊपर सचिन तेंदुलकर हैं, जिनके 14 शतक भारत को जीत नहीं दिला पाए थे।
कुल मिलाकर, यह मुकाबला भले ही टीम इंडिया के पक्ष में न गया हो, लेकिन विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों में क्यों गिने जाते हैं। उनके रिकॉर्ड, निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें क्रिकेट इतिहास के महान बल्लेबाजों की सूची में और ऊंचा स्थान दिलाते हैं।

