केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में आज से खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लद्दाख चरण की शुरुआत हो गई है। इस प्रतिष्ठित शीतकालीन खेल आयोजन में एथलीटों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों सहित 1000 से अधिक पुरुष और महिलाएं भाग ले रहे हैं। खेलों का उद्घाटन समारोह मंगलवार दोपहर को आयोजित किया जाएगा, जबकि मुकाबले 26 जनवरी तक चलेंगे। इस दौरान नवांग दोरजे स्टोबदान (NDS) स्टेडियम, आर्मी आइस रिंक और बर्फ से जमी गुपुख झील खेल गतिविधियों के प्रमुख केंद्र रहेंगे।
इस चरण में बर्फ पर खेले जाने वाले दो प्रमुख खेलों — आइस स्केटिंग और आइस हॉकी — में कुल 472 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण फिगर स्केटिंग का शामिल किया जाना है, जो पहली बार खेलो इंडिया विंटर गेम्स का हिस्सा बनी है। यह ओलंपिक स्पर्धा मानी जाती है और इसके जुड़ने से प्रतियोगिता का स्तर और रोमांच दोनों बढ़े हैं।
खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का पहला चरण लद्दाख के युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। वहीं, विभिन्न शीतकालीन खेलों से जुड़ी तकनीकी जिम्मेदारी संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों को सौंपी गई है, ताकि आयोजन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो।
यह आयोजन खेलो इंडिया कैलेंडर 2026 का दूसरा बड़ा इवेंट है। इससे पहले जनवरी की शुरुआत में दीव में खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन किया गया था। लेह में होने वाले ये मुकाबले खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी परीक्षा भी हैं, क्योंकि यहां उन्हें माइनस डिग्री तापमान, कम ऑक्सीजन और उच्च ऊंचाई जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करना होगा।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस मौके पर कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत भारतीय खेलों के लिए बेहद सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया विंटर गेम्स शीतकालीन खेलों में भारत की मौजूदगी को मजबूत करता है और यह मोदी सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि अब देश राष्ट्रीय स्तर पर मल्टी-स्पोर्ट विंटर गेम्स की मेजबानी कर रहा है।
लद्दाख चरण में आइस हॉकी एक बार फिर सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है, लेकिन फिगर स्केटिंग को भी खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों द्वारा उत्साहपूर्वक देखा जा रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में चीन के हार्बिन में आयोजित एशियाई शीतकालीन खेलों में भारत ने फिगर स्केटिंग सहित शीतकालीन खेलों में अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेजा था, जहां तारा प्रसाद और मंजेश तिवारी जैसे खिलाड़ियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया था।
इस चरण में देश के 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भाग ले रहे हैं। एथलीटों की संख्या के लिहाज से हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और मेजबान लद्दाख सबसे आगे हैं। लद्दाख चरण में कुल 17 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे, जिनमें से 15 स्वर्ण पदक आइस स्केटिंग स्पर्धाओं में दिए जाएंगे। खेलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट www.winter.kheloindia.gov.in पर उपलब्ध है।

