पंजाब सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए, जिनमें सांस्कृतिक, कृषि और स्वास्थ्य से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं। राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ के 40 निशुल्क शो आयोजित कराने का फैसला किया है। इन कार्यक्रमों का आयोजन सांस्कृतिक मामलों का विभाग करेगा और इनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इस नाटक में प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा समेत कई नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये शो राज्य के अलग-अलग शहरों में आम जनता के लिए पूरी तरह मुफ्त होंगे।
इस फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ना है। सरकार की ओर से यह पहल ऐसे समय में की जा रही है, जब राज्य में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी भी धीरे-धीरे शुरू हो चुकी है। अन्य राज्यों में जहां इस नाटक को देखने के लिए टिकट लिए जा रहे हैं, वहीं पंजाब में इसे सभी के लिए निशुल्क रखा गया है।
कैबिनेट बैठक में गन्ना किसानों को भी बड़ी राहत दी गई। सरकार ने गन्ने के राज्य सहमत मूल्य (SAP) में ₹68.50 प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंजूरी दी है। इसके बाद पंजाब में गन्ने का कुल एसएपी बढ़कर ₹416 प्रति क्विंटल हो गया है। इस फैसले से राज्य के खजाने पर करीब ₹322 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि पेराई सत्र 2025-26 के दौरान निजी चीनी मिलें किसानों को यह भुगतान सीधे करेंगी और बाद में सरकार से सब्सिडी की राशि प्राप्त करेंगी। पंजाब पहले से ही देश में गन्ने का सबसे अधिक मूल्य देने वाले राज्यों में शामिल है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने ‘सीएम दी योगशाला’ योजना के तहत 1,000 नए योग प्रशिक्षकों की भर्ती को मंजूरी दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब ₹35 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस योजना के जरिए स्वस्थ और फिट पंजाब को बढ़ावा देना है। फिलहाल इस योजना के तहत 635 योग प्रशिक्षक पहले से ही कार्यरत हैं।
इसके अलावा, कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मुक्तसर के गांव बादल, तरनतारन के खडूर साहिब, सीएचसी जलालाबाद और फाजिल्का जिले के अस्पतालों को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट के अधीन करने की मंजूरी दी है। अब तक इन संस्थानों का संचालन सीधे राज्य का स्वास्थ्य विभाग कर रहा था।
बैठक में कई अन्य फैसले भी लिए गए, जिनमें शहरों की जमीन विभागों को देने के लिए डीसी स्तर की कमेटी बनाने, खाली पड़ी जमीनों के उपयोग, परियोजनाओं की समय-सीमा बढ़ाने, सिविल सर्विस नियमों में संशोधन और बागवानी के अंतर्गत रकबा बढ़ाने के लिए जापान के साथ समझौते को मंजूरी देना शामिल है। इन फैसलों के जरिए सरकार राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है।

