भोपाल जीआरपी पुलिस ने ट्रेनों में चोरी की घटनाओं में शामिल एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिसकी कहानी हैरान करने वाली है। पुणे यूनिवर्सिटी से बीटेक पास, विदेश यात्रा कर चुका और प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी कर चुका यह युवक, आखिरकार अपराध की राह पर कैसे आ गया—इसका कारण सामने आया है ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग की लत।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान लखनऊ निवासी प्रांजल दीक्षित के रूप में हुई है। वह ट्रेनों के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों को अपना निशाना बनाता था। स्टेशन पर ट्रेन के रुकने के दौरान या फिर यात्रियों के सो जाने पर वह मौका देखकर बैग, पर्स और कीमती सामान चुरा लेता था और चुपचाप फरार हो जाता था। हालिया कार्रवाई में पुलिस ने उसके पास से करीब 7 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण बरामद किए हैं।
चोरी का एक बड़ा मामला 20 जनवरी को सामने आया, जब आगरा निवासी अफशा बेगम राजधानी एक्सप्रेस के ए-1 कोच में यात्रा कर रही थीं। भोपाल स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान, जब वह सो रही थीं, तब उनके सिरहाने रखा पर्स चोरी हो गया। पर्स में 35 हजार रुपये नकद और सोने के जेवर थे, जिनकी कुल कीमत करीब 3.40 लाख रुपये बताई गई। पीड़िता की शिकायत पर भोपाल जीआरपी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान भोपाल जीआरपी ने तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। रेलवे स्टेशन और आसपास लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज के विश्लेषण से आरोपी की गतिविधियां सामने आईं और 30–31 जनवरी के बीच उसे हिरासत में ले लिया गया।
जीआरपी थाना प्रभारी जहीर खान के अनुसार, प्रांजल दीक्षित पढ़ाई पूरी करने के बाद एक नामी कंपनी में नौकरी कर चुका था, लेकिन काम में मन न लगने और ऑनलाइन सट्टेबाजी व गेमिंग की लत के चलते उसने नौकरी छोड़ दी। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि चोरी से मिले पैसे वह इन्हीं ऐप्स पर खर्च करता था। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी दो बार यूके जा चुका है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोने की चेन, झुमकी, महिलाओं की अंगूठियां और मंगलसूत्र का पेंडेंट बरामद किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब भोपाल जीआरपी यह जांच कर रही है कि उसने इससे पहले किन ट्रेनों और शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। मामले की आगे की जांच जारी है।

