2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर क्रिकेट फैंस में जबरदस्त उत्साह है और इस बार टूर्नामेंट की एक खास बात यह है कि इसमें भारतीय मूल के करीब 40 खिलाड़ी विदेशी टीमों की ओर से खेलते नजर आएंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है और पहले ही दिन तीन मुकाबले खेले जाएंगे। यह टूर्नामेंट 8 मार्च तक चलेगा, जिसमें दुनिया की 20 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी।
इस विश्व कप में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी सिर्फ भारतीय टीम तक सीमित नहीं है। यूएसए, कनाडा, ओमान और यूएई जैसी विदेशी टीमों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के क्रिकेटर शामिल हैं। आंकड़ों की बात करें तो सिर्फ चार टीमों में ही कुल 34 भारतीय खिलाड़ी खेल रहे हैं, जबकि कुल मिलाकर यह संख्या करीब 40 तक पहुंच जाती है।
कनाडा की टीम में सबसे ज्यादा 11 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा यूएसए की टीम में 9, ओमान में 7 और यूएई की टीम में भी 7 भारतीय मूल के खिलाड़ी खेलते नजर आएंगे। इन टीमों में शामिल कई खिलाड़ी भारत में जन्मे हैं या भारतीय क्रिकेट सिस्टम से जुड़े रह चुके हैं।
इस टूर्नामेंट का एक भावुक पहलू भी है। मुंबई में जन्मे अमेरिकी तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर जैसे खिलाड़ियों के लिए भारत में खेलना बेहद खास होगा। वानखेड़े स्टेडियम जैसे मैदानों पर खेलना उनके लिए यादगार पल साबित हो सकता है। भले ही वे भारतीय टीम के लिए नहीं खेल सके, लेकिन अपने जन्मस्थान में क्रिकेट खेलने का मौका उन्हें अब मिल रहा है।
2026 टी20 वर्ल्ड कप में कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में पांच टीमें होंगी और ग्रुप स्टेज के बाद सुपर-8 में आठ टीमें पहुंचेंगी। इसके बाद सेमीफाइनल और फिर 8 मार्च को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।
इस टूर्नामेंट में बांग्लादेश हिस्सा नहीं ले रहा है और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। वहीं पाकिस्तान ने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले लीग स्टेज मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की है, जिससे टूर्नामेंट के माहौल में पहले से ही चर्चा तेज हो गई है।
कुल मिलाकर, यह टी20 वर्ल्ड कप सिर्फ मुकाबलों के लिए ही नहीं, बल्कि विदेशी टीमों में खेलते भारतीय मूल के खिलाड़ियों की वजह से भी खास और ऐतिहासिक बनने जा रहा है।

