भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब सहित आठ लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि मंडपम परिसर में हंगामा करने की पूरी साजिश इन्हीं के निर्देश पर रची गई थी और वे इस मामले के मास्टरमाइंड हैं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता उदय भानु चिब के निर्देश पर भारत मंडपम में दाखिल हुए। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों को पहले से पूरी योजना की जानकारी थी। अंदर प्रवेश करने के बाद उन्होंने नारेबाजी की और रोकने पर पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की। पुलिस का कहना है कि उनका उद्देश्य माहौल खराब करना और वैश्विक मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना था। साथ ही, इस मामले में हिमाचल प्रदेश, जम्मू और अमेठी से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।
वहीं, उदय भानु चिब के वकील ने अदालत में पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ना अनुचित है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि दिल्ली पुलिस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है। वकील ने यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों से बरामद टी-शर्ट को लेकर इतनी जांच क्यों की जा रही है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “दिल्ली में गंभीर अपराध हो रहे हैं और पुलिस टी-शर्ट ढूंढने में लगी है।”
बचाव पक्ष का कहना है कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं, फिर भी गिरफ्तारी की गई। अदालत में यह भी तर्क दिया गया कि यदि न्यायिक हिरासत दी गई तो रोज एक-एक पदाधिकारी को गिरफ्तार कर पेश किया जाएगा, इसलिए पुलिस कस्टडी न दी जाए। वकील ने कहा कि टी-शर्ट कहीं भी छपवाई जा सकती है और इसे साजिश का ठोस आधार नहीं माना जा सकता।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि जब पूछताछ के दौरान साजिश के संबंध में सवाल किए गए तो उदय भानु चिब ने सीधे जवाब नहीं दिए। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन सुनियोजित था और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के आधार पर तय होगी।

