पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने अपने लंबे शासनकाल के दौरान जानबूझकर पंजाब के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद इन पार्टियों ने आम लोगों की तरक्की के बजाय अपने राजनीतिक परिवारों को मजबूत करने पर ध्यान दिया।
सरदूलगढ़ के गांव साहनेवाली में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का नींव पत्थर रखने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान हर साल करीब 240 विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देगा और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि अकाली दल और कांग्रेस ने शिक्षा और विकास के क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं किया। उनके अनुसार, इन दलों को राज्य के बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं थी, बल्कि वे अपने बेटा-बेटियों और रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने में जुटे रहे।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह दलबदलुओं के सहारे पंजाब में चुनाव जीतने का सपना देख रही है, लेकिन यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाले “नए इंजन” पर चल रही है, जो पंजाब के विकास को नई दिशा दे रहा है। इसके विपरीत भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के “पुराने इंजन” अब राज्य को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाना उसकी प्राथमिकता है।

