इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया है, जिसके बाद राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली रक्षा मंत्री ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। हमले के बाद ईरान के कई इलाकों में सायरन बजने लगे और आसमान में धुएं के गुबार दिखाई दिए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के उत्तर और पूर्वी हिस्सों के अलावा इस्फहान, करज और केरमानशाह में भी विस्फोट हुए। ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि कई स्थानों पर आग की लपटें और काला धुआं उठता देखा गया। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है और सड़कों पर एंबुलेंस की आवाजाही बढ़ गई है। सुरक्षा कारणों से ईरान का एयरस्पेस खाली करा लिया गया है, जबकि सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाए जाने की खबर है।
इजराइल की ओर से कहा गया है कि यदि यह हमला नहीं किया जाता, तो ईरान इजराइल पर हमला कर सकता था। इस कार्रवाई के बाद इजराइल में भी सायरन बजने लगे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। देश में स्पेशल इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। इजराइली सेना की IDF होमफ्रंट कमांड ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शैक्षणिक गतिविधियों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और कई कार्यस्थलों पर रोक लगा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस संयुक्त सैन्य अभियान को ‘शील्ड ऑफ जूडा’ नाम दिया गया है। हमले में ईरान के कुछ संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें कथित तौर पर परमाणु केंद्र और इंटेलिजेंस मंत्रालय के भवन शामिल हैं। इरबिल एयरपोर्ट को भी एहतियातन बंद कर दिया गया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी थी। अमेरिका लंबे समय से ईरान पर यूरेनियम संवर्धन रोकने का दबाव बना रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई चेतावनियों के बीच यह सैन्य कार्रवाई हुई है।
इसी बीच इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने फारसी भाषा में जारी संदेश में ईरानी नागरिकों से अपील की है कि वे देश को “बेहतर दिनों” की ओर ले जाने में सहयोग करें। क्षेत्र में तनाव चरम पर है और जवाबी कार्रवाई की आशंका के चलते पूरे मध्य-पूर्व में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

