पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को जंतर-मंतर पर आयोजित एक रैली को वर्चुअल संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेताओं के खिलाफ एक साजिश रची गई, लेकिन अब वह साजिश देश के सामने बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब भी पार्टी पर कोई संकट आया है, वह पहले से अधिक मजबूत होकर उभरी है।
सीएम मान ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पूरी आप नेतृत्व टीम चट्टान की तरह डटी हुई है और देश की राजनीति में बदलाव लाने की लड़ाई लड़ रही है। उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी ने पारंपरिक राजनीति को मुद्दा-आधारित राजनीति की ओर मोड़ने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि अब अन्य दलों को भी अपने घोषणापत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी पड़ रही है।
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं को एक सुनियोजित रणनीति के तहत जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में सुधार तथा मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से निजी संस्थानों के हित प्रभावित हुए, जिसके बाद झूठे मामलों के जरिए पार्टी नेताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जेल में रहते हुए भी पंजाब के लोगों की चिंता की और मुफ्त बिजली, सिंचाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर निर्देश देते रहे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का करीब 8000 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड (RDF) रोका गया है और जीएसटी का बकाया भी समय पर नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक बाढ़ के दौरान घोषित 1600 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी पूरी तरह जारी नहीं की गई।
सीएम मान ने विश्वास जताया कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में जनता आम आदमी पार्टी को 100 सीटों का समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अब एक राष्ट्रीय शक्ति के रूप में उभर चुकी है और उसे रोकना संभव नहीं है। उनके मुताबिक, पंजाब की जनता तानाशाही और नफरत की राजनीति को नकारकर विकास और ईमानदारी की राजनीति के साथ खड़ी है।

