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महिला दिवस पर हरियाणा-पंजाब की बड़ी घोषणाएं: खातों में पैसे ट्रांसफर, ₹1000-₹1500 मासिक सहायता का ऐलान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हरियाणा और पंजाब सरकारों ने महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। एक ओर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार ने अपने बजट में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। हालांकि पंजाब में इस घोषणा को लेकर कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।

नायब सिंह सैनी ने सिरसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित करते हुए कई योजनाओं की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की पांचवीं किस्त के रूप में 200.77 करोड़ रुपये जारी किए। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 1,338.61 करोड़ रुपये और ‘हर घर-हर गृहिणी योजना’ के तहत 20.21 करोड़ रुपये सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा महिला स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 3 करोड़ रुपये की सीड मनी भी वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘महिला उद्यमिता मंच’ के हरियाणा अध्याय का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह मंच महिलाओं को आधुनिक बाजार तकनीकों और व्यापारिक कौशल से जोड़ने में मदद करेगा और महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर 16 महिला उद्यमियों को सहायता राशि के चेक भी दिए गए।

नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के 11 वर्ष पूरे होने का जश्न भी राज्य में मनाया जा रहा है। इसके अलावा बजट में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए वीटा बूथ आवंटन नीति में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में महिला समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए आधुनिक ग्राम हाट स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।

सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में 10 आधुनिक मातृ-शक्ति शिशु देखभाल केंद्र स्थापित करने का भी प्रावधान किया है। वहीं इन केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 3,000 रुपये से 15,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत हरियाणा में अब तक 1.06 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और आने वाले समय में 3 लाख और महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा ‘नमो द्रोण दीदी योजना’ के तहत 500 स्वयं सहायता समूहों की 5,000 महिलाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं की सांस्कृतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य में 500 महिला सांस्कृतिक केंद्र भी स्थापित किए जा चुके हैं।

दूसरी ओर पंजाब सरकार ने भी महिला दिवस के मौके पर अपने बजट में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना का ऐलान किया। ‘मुख्यमंत्री मावा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत राज्य की 18 वर्ष से अधिक आयु की योग्य महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा की गई है, जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि इस घोषणा के बीच चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। इस प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकते हुए कई महिलाओं को हिरासत में लिया, जिनमें पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की बेटी एकम वड़िंग भी शामिल थीं।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि चुनाव से पहले हर महिला को 1000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन यह योजना लंबे समय तक लागू नहीं की गई। उनका आरोप था कि सरकार को पिछले चार वर्षों की बकाया राशि करीब 48,000 रुपये भी महिलाओं को देनी चाहिए। इस तरह महिला दिवस के मौके पर जहां दोनों राज्यों में महिलाओं के लिए नई योजनाओं और घोषणाओं की चर्चा रही, वहीं पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया।

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