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महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद, मुफ्त बिजली और 10 लाख तक इलाज: CM भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और आम लोगों की भलाई के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को मजबूत बनाना है। विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए हर महीने आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, मुफ्त बस यात्रा और 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा जैसी योजनाएं राज्य की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घोषित मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों के जीवन में यह राशि काफी मायने रखती है और इससे कई परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की आलोचना इस बात का संकेत है कि उन्हें आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी की वापसी का डर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र को एक पवित्र दस्तावेज मानते हुए जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और यह भर्ती पूरी तरह पारदर्शी तरीके से बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय में युवाओं को नौकरी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था और ‘अटैची कल्चर’ हावी रहता था, लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य में स्थापित 881 आम आदमी क्लीनिकों पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इन क्लीनिकों में आने वाले मरीजों की संख्या अब 5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू की है, जिसके तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के लिए सरकारी और निजी मिलाकर लगभग 900 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेहतर शिक्षा के लिए 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षकों और प्रिंसिपलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देने के लिए फिनलैंडसिंगापुर और आईआईएम अहमदाबाद जैसे संस्थानों में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। साथ ही नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पंजाब ने देश में सर्वोत्तम स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना भी चला रही है, जिसके तहत कई वरिष्ठ नागरिकों को पहली बार धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिला है। सरकार अब श्रद्धालुओं को राज्य से बाहर स्थित सिखों के पवित्र तख्त तख्त श्री पटना साहिब और तख्त श्री हजूर साहिब के दर्शन भी करवाएगी।

इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के तहत लोगों को जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री में होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी जैसी डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। वहीं राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 44,920 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का काम भी किया जा रहा है, जिस पर लगभग 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों के माध्यम से पंजाब को विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।

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