पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपने चार साल के कामकाज का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। Bhagwant Singh Mann ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा रही है और दोषियों को सख्त सजा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मार्च 2022 से अब तक 95,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 772 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से ज्यादा आपराधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। उन्होंने बताया कि “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत राज्य में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए हजारों किलो हेरोइन, अफीम और अन्य नशीले पदार्थों के साथ करोड़ों की ड्रग मनी भी बरामद की गई है।
संगठित अपराध पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के गठन के बाद हजारों गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है और कई बड़े आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बड़ी संख्या में अवैध हथियार और वाहनों को भी जब्त किया है। इसके साथ ही राज्य में पुलिस बल को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड स्तर पर भर्तियां की गई हैं और आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है।
सीमा सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पाकिस्तान सीमा से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक सैकड़ों ड्रोन बरामद किए जा चुके हैं और कई संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम स्थापित करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य है।
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी सरकार की पहल को महत्वपूर्ण बताया गया। जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स के कारण सड़क हादसों में मौतों में कमी आई है और हजारों लोगों को समय पर मदद मिल सकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रयासों के कारण राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।
इस दौरान पंजाब के पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार आने वाले समय में भी इसी सख्ती और पारदर्शिता के साथ काम करती रहेगी, ताकि पंजाब को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाया जा सके।

