संसद में आम मोबाइल उपभोक्ताओं से जुड़ा एक अहम मुद्दा उठाते हुए Raghav Chadha ने डेटा रोलओवर की मांग की है। उन्होंने ‘जीरो आवर’ के दौरान कहा कि मोबाइल कंपनियों को यूजर्स को यह सुविधा देनी चाहिए कि इस्तेमाल न हुआ डेटा अगले दिन या अगले महीने तक कैरी फॉरवर्ड किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने यूजर्स के बीच डेटा ट्रांसफर की अनुमति देने की भी वकालत की।
राघव चड्ढा ने कहा कि वर्तमान में मोबाइल प्लान्स में रोजाना एक निश्चित डेटा लिमिट दी जाती है, जैसे 1.5 या 2 जीबी, लेकिन अगर यह डेटा पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाता तो रात 12 बजे के बाद यह स्वतः समाप्त हो जाता है। उनका कहना है कि कंपनियां पूरे डेटा का शुल्क तो वसूलती हैं, लेकिन बचा हुआ डेटा यूजर्स को इस्तेमाल करने का मौका नहीं देतीं, जो उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।
अपने तर्क को स्पष्ट करते हुए उन्होंने पेट्रोल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पेट्रोल भरवाता है और उसका कुछ हिस्सा बच जाता है, तो पेट्रोल पंप संचालक उसे वापस नहीं लेता। उसी तरह, मोबाइल डेटा भी उपभोक्ता का अधिकार होना चाहिए और उसे पूरी तरह उपयोग करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में डेटा रोलओवर की सुविधा पहले से मौजूद है। ऐसे में भारत में भी इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कोई यूजर अपना डेटा इस्तेमाल नहीं कर पाता है, तो वह अगले दिन की लिमिट में जुड़ जाना चाहिए और एक्सपायर नहीं होना चाहिए।
राघव चड्ढा ने सरकार और टेलीकॉम कंपनियों से अपील की कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल सके और डिजिटल सेवाओं का उपयोग अधिक सुविधाजनक बन सके।

