लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से संवाद करते हुए प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया पर जोर दिया और कहा कि उत्तर प्रदेश में अब व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित हो रही हैं तथा जनता के कामों में किसी प्रकार की बाधा नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारी शारिमा सिद्दीकी का बयान विशेष रूप से चर्चा में रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी प्रक्रिया के कारण ही उनके जैसे मेहनती अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिला है। शारिमा सिद्दीकी ने बताया कि वह पहले सेना में कार्यरत थीं और वीआरएस लेने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश आने का निर्णय लिया, लेकिन पहले उनके मन में राज्य को लेकर डर और नकारात्मक धारणा थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्थिति में बदलाव आया है, जिससे उनमें यहां आने और काम करने का आत्मविश्वास पैदा हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले उन्होंने कभी उत्तर प्रदेश में बसने की योजना नहीं बनाई थी, लेकिन अब उन्हें लगता है कि राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनकी नीतियों ने युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
इस कार्यक्रम में अन्य चयनित अभ्यर्थियों ने भी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता की सराहना की। मोहनलालगंज की प्रियंका सिंह ने कहा कि उनकी सफलता मेहनत और ईमानदार प्रक्रिया का परिणाम है। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के कारण ही उन्हें शीर्ष स्थान हासिल करने का अवसर मिला और यह उनके लिए गर्व का विषय है।
वहीं मैनपुरी की अनामिका यादव ने परीक्षा केंद्र की सख्त सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सुरक्षित थी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना नहीं थी। उन्होंने अपनी सफलता को योगी सरकार की मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया का उदाहरण बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और जनता की सेवा को प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें और सरकार द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें।

