पंजाब में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ERV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये अत्याधुनिक वाहन डायल-112 सेवा के तहत राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के बाद अब पंजाब में आम नागरिकों को महज 6 मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जो अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर एक बड़ा सुधार है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में पुलिस वाहनों और संसाधनों के आधुनिकीकरण के लिए 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इसके अलावा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को 22 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन उपलब्ध कराए गए हैं और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक स्कूटर भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026-27 में अतिरिक्त वाहनों की खरीद के लिए 11.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कानून-व्यवस्था में सुधार और सख्त पुलिसिंग के कारण राज्य में निवेश का माहौल भी बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा स्टील पंजाब में अपना दूसरा बड़ा प्लांट स्थापित करने जा रही है, जो राज्य में बढ़ते निवेश और भरोसे का संकेत है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की नींव होती है।
नशे के खिलाफ अभियान पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य से नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो अन्य राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने समाज से अपील की कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाए, ताकि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
इसके साथ ही सरकार ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स शुरू की गई है, जिसमें 1,597 प्रशिक्षित कर्मी और 144 आधुनिक वाहन शामिल हैं। यह फोर्स 4,200 किलोमीटर लंबे दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत तक कमी आई है। इस पहल की सराहना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को देश के सबसे सुरक्षित और विकसित राज्यों में शामिल करना है। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य के समग्र विकास को भी गति देगी।

