चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर के बाहर हुए ग्रेनेड धमाके के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। सेक्टर-37 में हुए इस धमाके का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति ग्रेनेड जैसी वस्तु फेंकता हुआ दिखाई दे रहा है। धमाके के बाद आसपास खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इस घटना पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के पंजाब महासचिव बलतेज पन्नू ने इसे निंदनीय बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि चंडीगढ़ का प्रशासन सीधे केंद्र के अधीन है, ऐसे में इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपा जाए ताकि बेहतर प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति न करने की भी अपील की।
वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस घटना को लेकर भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अक्सर विभिन्न घटनाओं के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाता है और अब इस विस्फोट को लेकर भी राजनीतिक आरोप लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति अब ज्यादा समय तक नहीं चलने वाली।
इधर, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस घटना को राज्य की साम्प्रदायिक एकता को तोड़ने की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में पंजाब में ग्रेनेड हमलों और अन्य घटनाओं की श्रृंखला सामने आई है, जो कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति की ओर इशारा करती है। जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन घटनाओं को रोकने में विफल रही है और इसका असर अब चंडीगढ़ तक देखने को मिल रहा है।
इस मामले पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी चिंता जताई है। उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए संबंधित एजेंसियों से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने इसे सुरक्षा और खुफिया तंत्र की विफलता बताया और कहा कि चंडीगढ़ जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से जवाबदेही तय करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं और पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

