लखनऊ में आतंकवाद से जुड़ी बड़ी साजिश का खुलासा करते हुए यूपी एटीएस ने चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पहचान बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद क्षेत्र के निवासी Vikas alias Raunak के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह शिकारपुर तहसील के रजापुर गांव, ग्राम पंचायत चांदौक का रहने वाला है, हालांकि पिछले कई वर्षों से वह हरियाणा और हाल के समय में गाजियाबाद में रह रहा था।
गांव के लोगों के अनुसार, रौनक उर्फ विकास का परिवार लंबे समय से बाहर रहकर रंगाई-पुताई का काम करता था और वह बीच-बीच में ही गांव आता-जाता था। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, उसके या उसके परिवार के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। इस खुलासे के बाद गांव में भी हैरानी का माहौल है।
एटीएस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से था। इस गिरोह का सरगना Saqib alias Devil बताया जा रहा है, जो मेरठ के अगवानपुर गांव का निवासी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, साकिब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान के हैंडलर्स और अन्य संदिग्ध विदेशी संपर्कों के संपर्क में आया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से एक गुप्त नेटवर्क से जुड़े थे, जिसके जरिए भारत में दहशत फैलाने की साजिश रची जा रही थी। गिरोह के अन्य सदस्यों में Lokesh alias Babu, Arbaab और एक अन्य आरोपी शामिल हैं।
एटीएस के मुताबिक, यह गिरोह लखनऊ सहित कई शहरों में रेलवे स्टेशन, भीड़भाड़ वाले इलाके और महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। खास तौर पर लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाने और बड़े विस्फोट की साजिश थी, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि और दहशत फैल सके।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से केमिकल से भरा कैन, मोबाइल फोन, पंपलेट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मोबाइल फोन की जांच में कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
एटीएस को इस साजिश की समय रहते जानकारी मिल गई, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

