Posted By : Admin

बिहार में सत्ता परिवर्तन: सम्राट चौधरी होंगे नए मुख्यमंत्री, निशांत कुमार डिप्टी CM

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सम्राट चौधरी राज्य के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद मुख्यमंत्री पद खाली हुआ था, जिस पर लंबे समय से मंथन चल रहा था। अब इस पर अंतिम मुहर लग गई है और सम्राट चौधरी 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में दो उपमुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे, जिनमें निशांत कुमार और विजय चौधरी का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

शपथ ग्रहण को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राज्यपाल के सचिव ने सम्राट चौधरी से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा और अतिथियों की सूची पर चर्चा की। संभावित मंत्रिमंडल को लेकर भी बातचीत हुई है। यह राजनीतिक बदलाव बिहार की सत्ता में एक नई दिशा का संकेत दे रहा है।

नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद खाली हुआ था। पिछले कई दिनों से इस पद को लेकर कई नाम चर्चा में थे, लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने सम्राट चौधरी पर भरोसा जताया। उनके मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी राज्य के जाने-माने समाजवादी नेता रहे हैं, जिनका राजनीतिक सफर लालू प्रसाद यादव के साथ शुरू हुआ था और बाद में उन्होंने नीतीश कुमार का साथ दिया। सम्राट चौधरी ने भी अपने पिता के मार्गदर्शन में राजनीति की शुरुआत की और शुरुआती दौर में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े रहे।

बाद में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) का दामन थामा और जीतन राम मांझी सरकार में मंत्री भी रहे। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख किया और पार्टी में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है, लेकिन अब वह राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुंचने में सफल हुए हैं।

सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। खास बात यह है कि वह उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो पहले उपमुख्यमंत्री रहे और बाद में मुख्यमंत्री बने। इससे पहले यह उपलब्धि केवल कर्पूरी ठाकुर के नाम थी। इस तरह सम्राट चौधरी ने एक राजनीतिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।

अब सबकी नजर नई सरकार के गठन और आने वाले फैसलों पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार किस दिशा में आगे बढ़ता है और राज्य की राजनीति में यह बदलाव क्या असर डालता है।

Share This