जापान के तटीय शहर Fujisawa (फुजीसावा) में पहली मस्जिद के निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शांत और अनुशासित समाज के लिए पहचाने जाने वाले Japan (जापान) में इस मुद्दे पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने मस्जिद निर्माण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बड़ी संख्या में लोग ‘एक भी मस्जिद नहीं चाहिए’ जैसे नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्हें मस्जिद में होने वाली ‘अजान’ से शोर बढ़ने का डर है। इसके अलावा कुछ लोगों ने यह भी चिंता जताई कि विदेशी धार्मिक परंपराएं उनकी पारंपरिक संस्कृति को प्रभावित कर सकती हैं। विरोध कर रहे लोगों के हाथों में पोस्टर देखे गए, जिनमें जापानी संस्कृति और विरासत को बचाने की अपील की गई थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
इस विवाद के पीछे एक और कारण बताया जा रहा है कि प्रस्तावित मस्जिद का आकार पास में स्थित पारंपरिक जापानी धार्मिक स्थल Shinto Shrine (शिंतो श्राइन) से बड़ा बताया जा रहा है। इसे लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
मस्जिद निर्माण से जुड़े संगठन के प्रतिनिधियों ने लोगों को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि वे जापान के कानूनों और स्थानीय नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि समुदाय के बीच आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों के बीच आशंकाएं बनी हुई हैं, जिनमें जनसंख्या संतुलन और सांस्कृतिक बदलाव को लेकर चिंता प्रमुख है।
इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा अब वैश्विक स्तर पर भी हो रही है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां कुछ लोग जापान के इस रुख का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक स्वतंत्रता के नजरिए से देख रहे हैं। फिलहाल यह मामला स्थानीय प्रशासन और समुदाय के बीच संतुलन बनाने की चुनौती के रूप में सामने आया है।

