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“हमाम में सब नंगे हैं” – पप्पू यादव के बयान से संसद में बवाल

संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav ने बेहद तीखे और विवादित बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया। उन्होंने राजनीतिक वर्ग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में यौन शोषण के मामलों में नेताओं की भूमिका चिंताजनक है।

संसद में बोलते हुए पप्पू यादव ने दावा किया कि बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों पर यौन शोषण के आरोप लगे हुए हैं और कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। उनके इस बयान के दौरान सदन में हंगामा हुआ और कई सांसदों ने विरोध जताते हुए ‘शेम-शेम’ के नारे लगाए।

पप्पू यादव ने अपने संबोधन में राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज के प्रभावशाली वर्गों में नैतिक गिरावट देखने को मिल रही है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि “हमाम में सब नंगे हैं”, यानी किसी एक वर्ग को दोषी ठहराने के बजाय पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इंटरनेट पर अश्लील सामग्री देखने के मामलों में भी नेताओं की संख्या अधिक है। हालांकि, उनके इन दावों को लेकर सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कई सदस्यों ने इन आरोपों को निराधार बताया।

महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी राय रखते हुए पप्पू यादव ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह बिल पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के हितों को नजरअंदाज करता है। उनकी मांग थी कि महिला आरक्षण के भीतर भी ओबीसी, ईबीसी, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना था कि मीडिया, सिनेमा और फैशन जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं का बड़े पैमाने पर शोषण होता है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

पप्पू यादव के इन बयानों के बाद संसद में बहस और तेज हो गई है। जहां एक तरफ उनके आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं।

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