जर्मनी दौरे पर पहुंचे भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने पाकिस्तान को लेकर तीखा बयान दिया है। बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के सभी पड़ोसी देश अच्छे संबंध बनाए हुए हैं, लेकिन एक देश ऐसा है जो लगातार समस्या पैदा करता रहा है। बिना नाम लिए उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश भारत के साथ छेड़खानी करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले की बरसी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की सैन्य ताकत पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन दुनिया ने देखा है और अब देश अपनी सुरक्षा के मामले में पहले से अधिक सशक्त स्थिति में है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है।
बर्लिन में मौजूद भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनका पहला जर्मनी दौरा है, जबकि वे कई बार अमेरिका जा चुके हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत और जर्मनी के बीच एक मजबूत सेतु बताया और कहा कि विदेशों में भारतीयों की साख बढ़ने से देश की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और जर्मनी का संबंध केवल लोकतंत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है।
अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने भारत की बदलती वैश्विक छवि पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत पहले जैसा नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी साख और प्रभाव दोनों बढ़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत दुनिया के शीर्ष स्टार्टअप इकोसिस्टम में तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। साथ ही उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने जर्मनी की वैश्विक साख की भी सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में जर्मनी की एक अलग पहचान और विश्वसनीयता है। इस उपलब्धि में जहां जर्मनी के नागरिकों का योगदान है, वहीं भारतीय प्रवासी समुदाय ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह एक सच्चाई है जिसे नकारा नहीं जा सकता।
अपने पूरे संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने भारत की ताकत, वैश्विक प्रतिष्ठा और सुरक्षा नीति को मजबूती से प्रस्तुत किया, वहीं पाकिस्तान को लेकर उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

