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भगवंत मान सरकार का बड़ा एक्शन: 49,298 आरोपियों पर शिकंजा, गैंगस्टर नेटवर्क पर करारा प्रहार

पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई ने बीते तीन महीनों में तेज रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की निगरानी और डीजीपी Gaurav Yadav के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी-गैंगस्टर अभियान “गैंगस्टरां ते वार” ने अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में बड़े स्तर पर छापेमारी और गिरफ्तारियां की गई हैं, जिससे गैंगस्टर गतिविधियों पर कड़ा शिकंजा कसने में सफलता मिली है।

20 जनवरी से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य केवल गैंगस्टरों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क—जिसमें फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल हैं—को जड़ से खत्म करना है। तीन महीनों के भीतर पुलिस ने कुल 49,298 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें बड़ी संख्या में वांछित अपराधी और उनके सहयोगी शामिल हैं। इसके अलावा 10,254 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जबकि 16,439 लोगों की जांच के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

अभियान के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुए हैं। कार्रवाई में 408 हथियार, 148 धारदार हथियार, 1197 कारतूस, 122 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 6 हैंड ग्रेनेड जब्त किए गए। इससे स्पष्ट है कि गैंगस्टर नेटवर्क की ताकत को कमजोर करने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

नशे के खिलाफ भी इस ऑपरेशन के तहत बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने 378.45 किलोग्राम हेरोइन, 301.947 किलोग्राम अफीम, 2,838.77 किलोग्राम भूक्की, 12 लाख से अधिक नशीली गोलियां, गांजा और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए। इसके साथ ही 1 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी, नकदी और सोना भी जब्त किया गया है। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24,000 लीटर से ज्यादा शराब भी बरामद की गई।

गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने 4,229 मोबाइल फोन, 815 वाहन और 31 ड्रोन भी जब्त किए हैं, जो इन आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों को संचालित करने में इस्तेमाल हो रहे थे। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के एडीजीपी Promod Ban ने बताया कि यह अभियान केवल अपराधियों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के चलते अब सिर्फ गैंगस्टर ही नहीं, बल्कि उनके सहयोगी और संरक्षक भी कार्रवाई से डरने लगे हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई से राज्य में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और कई नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस ऑपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे अपराधियों की ट्रैकिंग और निगरानी और प्रभावी हुई है।

पंजाब पुलिस ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिसके जरिए लोग गुप्त जानकारी साझा कर सकते हैं। पिछले तीन महीनों में 62,000 से अधिक छापेमारी के दौरान 915 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। कुल मिलाकर 22,605 अपराधियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें कई गैंगस्टरों के सहयोगी भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कहा है कि पंजाब में गैंगस्टर कल्चर के लिए कोई जगह नहीं है और सरकार इसे खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान की सफलता ने यह संकेत दिया है कि राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार और पुलिस दोनों मिलकर सख्त कदम उठा रहे हैं, और आने वाले समय में भी यह कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

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