मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के ग्राम अल्लीपुर में स्थित एक मकान के अंदर गुप्त तहखाने से चल रही अवैध पिस्टल फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। इस कार्रवाई में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मौके से भारी मात्रा में तैयार और अधबने हथियारों के साथ निर्माण उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस की स्वाट टीम, सर्विलांस टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की। जांच में पता चला कि यह फैक्ट्री डबल बेड के नीचे बनी सामान रखने वाली जगह में छेद करके जमीन के अंदर बनाए गए गुप्त तहखाने में चलाई जा रही थी। टीम ने अचानक दबिश दी तो असलम नाम के आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में असलम ने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।जांच के दौरान सामने आया कि यह फैक्ट्री रहीमुद्दीन नाम के शख्स चला रहा था। वह कच्चा माल मुहैया कराता था और तैयार पिस्टलों की बिक्री का पूरा नेटवर्क संभालता था। असलम और उसके साथी तहखाने में पिस्टल तैयार करते थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग ग्राहकों को बेचा जाता था। इन अवैध .32 बोर पिस्टलों की कीमत बाजार में 35 हजार से 60 हजार रुपये तक तय की गई थी।
बरामदगी में 8 तैयार .32 बोर पिस्टल, 3 अधबनी पिस्टल, 2 बैरल, 2 स्लाइड, 12 मैगजीन, अधबनी मैगजीन और अन्य पुर्जे शामिल हैं। इसके अलावा हथियार बनाने के औजार जैसे ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, हथौड़ी, आरी, रेती और वेल्डिंग सामग्री भी पुलिस ने जब्त कर ली है। घटना में इस्तेमाल हुई तीन कारों को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।गिरफ्तार 11 आरोपियों में मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर जिले के निवासी शामिल हैं।
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि इनमें से कई आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हैं। लोहियानगर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तैयार किए गए हथियार किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे थे। इस सफलता को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

