राम मंदिर चढ़ावा और दान राशि से जुड़े कथित गबन मामले को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या के जन्मभूमि थाना अध्यक्ष को नामजद तहरीर सौंपते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े चंदे और दान राशि के मामले में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के संकेत सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य, दस्तावेज और प्रमाण सार्वजनिक हो चुके हैं। उनके अनुसार जांच के दौरान कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ में सामने आए बयान और बरामदगी जैसी जानकारियां भी सामने आई हैं, इसके बावजूद अब तक किसी बड़े स्तर की कार्रवाई नहीं हुई है।
AAP सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब जांच से जुड़े कई तथ्य सामने आ चुके हैं तो फिर चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल और टिन्नू यादव जैसे नामों पर अब तक कोई कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य मामले में इतने प्रमाण सामने आते तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई होती, लेकिन इस मामले में जांच की गति और कार्रवाई दोनों पर सवाल उठ रहे हैं।
संजय सिंह ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में शामिल लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और सरकारी समन्वय से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है ताकि श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस न पहुंचे।
उधर, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच पहले से ही विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां दान राशि के प्रबंधन, गणना प्रक्रिया, बैंक जमा रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। मामले को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं और राजनीतिक दलों की नजर जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और संबंधित पक्षों की ओर से विभिन्न आरोपों और दावों पर आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

