लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब प्रशासनिक विभागों की नींद खुलती दिखाई दे रही है। इस हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में सुरक्षा मानकों और भवन नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। कार्रवाई के दौरान नक्शे के विपरीत निर्माण और बेसमेंट में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले 16 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है।
केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक के निर्देश पर सोमवार शाम प्रवर्तन दस्तों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया। करीब तीन घंटे तक चले इस अभियान में कई कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि कई संस्थान भवन मानकों का उल्लंघन करते हुए बेसमेंट का उपयोग कोचिंग, लाइब्रेरी, लैब और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहे थे, जबकि इन स्थानों का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोर के रूप में किया जाना चाहिए था।
कार्रवाई के तहत काकादेव क्षेत्र में संचालित कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसा गया। इनमें फिजिक्स वाला, विद्यापीठ, संजीव राठौर कोचिंग और वर्क स्पेस समेत कुल 16 प्रतिष्ठानों को सील किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इन संस्थानों में भवन मानकों और सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है।
केडीए अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। जांच के दौरान 22 अन्य प्रतिष्ठानों को भी चिन्हित किया गया है, जिन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में नियमों का पालन नहीं किया गया तो इनके खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को भी अभियान जारी रखने की तैयारी की गई है।
दरअसल, इससे पहले दिल्ली में एक होटल में आग लगने की घटना के बाद भी केडीए ने बेसमेंट में अवैध गतिविधियां संचालित करने वाले कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की थी। हालांकि समय के साथ अभियान धीमा पड़ गया था। लेकिन लखनऊ अग्निकांड के बाद एक बार फिर प्रशासन सक्रिय हुआ है और शहरभर में सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि कानपुर में करीब तीन हजार ऐसे बेसमेंट हैं जिनका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया जा रहा है। शहर के प्रमुख इलाकों जैसे जेके मंदिर, लाजपत नगर, मरियमपुर चौराहा, गुमटी क्रॉसिंग, जीटी रोड और ब्रह्मनगर चौराहा के आसपास बड़ी संख्या में बेसमेंट को रेस्टोरेंट, कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और प्रयोगशालाओं के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
लखनऊ हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन अब ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। केडीए का कहना है कि भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और मानचित्र के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने के लिए आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में शुरू हुई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि अब नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा और छात्रों व आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

