संसद के मॉनसून सत्र के बीच राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अचानक धरनास्थल पहुंचे और सामाजिक कार्यकर्ता व पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पवन खेड़ा ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई और कहा कि उनकी सेहत का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है।
पवन खेड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का हर नागरिक को अधिकार है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और ऐसे में उनकी सेहत की चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष बातचीत के जरिए जल्द कोई सकारात्मक समाधान निकालेंगे।
सोनम वांगचुक इन दिनों अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके समर्थन में अलग-अलग सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी समय-समय पर धरनास्थल पहुंच रहे हैं। पवन खेड़ा की यह मुलाकात भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
हालांकि, इस मुलाकात के दौरान किसी राजनीतिक गठबंधन या आगामी रणनीति पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। कांग्रेस की ओर से इसे मानवीय संवेदना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्थन बताया गया, जबकि अन्य दलों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर बनी हुई है।
अब यह देखना अहम होगा कि वांगचुक के आंदोलन को लेकर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं। फिलहाल, जंतर-मंतर पर जारी यह आंदोलन और उससे जुड़ी राजनीतिक गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
