दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय AI समिट के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्ट उतारकर नारेबाजी शुरू कर दी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए इस विरोध प्रदर्शन ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया और स्थिति सामान्य की। दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक करीब दस लोग प्रदर्शन में शामिल थे, जिन्हें हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि प्रदर्शनकारी क्यूआर कोड आधारित एंट्री सिस्टम के जरिए कार्यक्रम स्थल के अंदर कैसे पहुंचे। सुरक्षा में चूक हुई या नियमों का जानबूझकर उल्लंघन किया गया, इसकी पड़ताल की जा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब से भी गहन पूछताछ शुरू की है। उनसे संसद मार्ग थाने में सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रदर्शन की योजना कब और कैसे बनाई गई, टी-शर्ट्स कहां प्रिंट करवाई गईं और इसके लिए फंडिंग कहां से आई। जांच एजेंसियों को शक है कि यह प्रदर्शन पूर्व-नियोजित हो सकता है, क्योंकि गिरफ्तारी के तुरंत बाद बड़ी संख्या में वकीलों का थाने पहुंचना और संगठन का त्वरित आधिकारिक बयान जारी होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
इस घटनाक्रम पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदर्शन को कांग्रेस की “हताशा और अहंकार” बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का विरोध देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है और इसे राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।
दूसरी ओर, भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार के तहत किया गया और यह देशहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए था। उदय भानु चिब ने आरोप लगाया कि सरकार आलोचनात्मक आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन एआई समिट के विरोध में नहीं, बल्कि कथित नीतिगत फैसलों के खिलाफ आवाज उठा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि किसी ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल भारत मंडपम में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है और शिखर सम्मेलन के अन्य कार्यक्रम तय समय के अनुसार जारी हैं। इस घटना ने एक बार फिर बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक विरोध के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

