उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संत कबीर नगर जिले का दौरा कर 475 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि अच्छी सरकारें जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि कभी पिछड़े माने जाने वाले धनघटा और खजनी क्षेत्र आज बेहतर सड़क और एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी के जरिए विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य की “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो प्रदेश कभी अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, वह आज देश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास, सुशासन और जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू कर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित किया गया और मीडिया की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने याद दिलाया कि समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव को भी उस समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने पर जेल भेजा गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाले राजनीतिक दलों को पहले अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए।
इस दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जो दल लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं, वे आपातकाल के इतिहास पर क्या जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ जानती है और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सजग है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में भी जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

