उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित भव्य महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। संतों और साधुओं की भारी मौजूदगी के बीच, हाल ही में एक खास नाम – आईआईटीियन बाबा उर्फ अभय सिंह – सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे थे। एयरोस्पेस इंजीनियर से संन्यासी बने अभय सिंह अब एक विवाद के चलते चर्चा में हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, उन्हें जूना अखाड़ा शिविर से बाहर कर दिया गया है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह।
आईआईटीियन बाबा पर क्यों हुई कार्रवाई?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बाबा अभय सिंह पर अपने गुरु महंत सोमेश्वर पुरी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। यही वजह बनी कि उन्हें शनिवार रात जूना अखाड़ा शिविर से निष्कासित कर दिया गया।
जूना अखाड़े का बयान
जूना अखाड़े ने इस मामले को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा और अनुशासन उनके लिए सर्वोच्च है। अखाड़े के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि ने कहा, “गुरु का अपमान करना हमारी परंपरा और संन्यास के सिद्धांतों के खिलाफ है। ऐसा करने वाला व्यक्ति न तो सच्चा संन्यासी है और न ही उसे सनातन धर्म का सम्मान करने वाला माना जा सकता है।”
अब कहां हैं बाबा अभय सिंह?
सूत्रों के मुताबिक, जूना अखाड़ा से निकाले जाने के बाद अभय सिंह ने किसी दूसरे संत के शिविर में शरण ली है। हरियाणा के निवासी अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बी.टेक किया था, लेकिन उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संन्यास का मार्ग अपना लिया। महाकुंभ में मीडिया की नजरों में आने के बाद वह पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन गए हैं।

