उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीमों ने बदोसराय थाना क्षेत्र के खोर एत्महादपुर गांव में छापा मारा। यह कार्रवाई एक व्यक्ति के संभावित आतंकवादी कनेक्शन की जांच के सिलसिले में की गई।
सुरक्षा एजेंसियों की टीमें तीन गाड़ियों में मौके पर पहुंचीं और गांव निवासी राम लखन के घर की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आधुनिक मशीनों और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, हालांकि घर से कोई भी आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे गांव में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया।
छापेमारी से पहले एजेंसियों ने राम लखन को सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल से हिरासत में लिया था। बताया गया कि उसकी मां हाल ही में ऑपरेशन के बाद उसी अस्पताल में भर्ती थीं और राम लखन वहां मौजूद था। सूत्रों के अनुसार, वहीं से उसे हिरासत में लेने के बाद टीम उसके घर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया गया।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर राम लखन के आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है। मौके पर स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही और पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि एजेंसियों द्वारा रेड की गई है, लेकिन फिलहाल छापेमारी के पीछे की वजह और राम लखन की भूमिका को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मामले की स्थानीय स्तर पर भी जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

