महाराष्ट्र के नासिक जिले से सामने आया Ashok Kharat मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। खुद को ‘गॉडमैन’ बताने वाले अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। रेप के आरोप में गिरफ्तार खरात के खिलाफ अब सिर्फ आपराधिक मामले ही नहीं, बल्कि उसकी संपत्ति, सरकारी फंडिंग और राजनीतिक संबंधों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, खरात से जुड़े Shri Ishanyeshwar Devasthan Trust को साल 2018 में महाराष्ट्र सरकार से 1.05 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिली थी। यह फंड उस समय Jaykumar Rawal के नेतृत्व वाले पर्यटन और सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा ‘क्षेत्रीय पर्यटन विकास योजना’ के तहत मंजूर किया गया था। इस राशि का उपयोग मंदिर परिसर के विकास के लिए किया जाना था, जिसमें हॉल निर्माण, पार्किंग, शौचालय, बिजली व्यवस्था और अन्य सुविधाएं शामिल थीं। अधिकारियों का कहना है कि उस समय खरात के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, इसलिए यह फंड सामान्य प्रक्रिया के तहत स्वीकृत किया गया।
मामले ने उस समय गंभीर मोड़ लिया जब 18 मार्च को एक महिला की शिकायत के आधार पर Ashok Kharat को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी Tejaswi Satpute कर रही हैं। SIT की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
जांच के दौरान पुलिस को खरात से जुड़े करीब 100 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। साइबर टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता था। इसके अलावा, खरात के पास लगभग 1500 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की बात सामने आई है, जिसके बाद आयकर विभाग भी उसकी वित्तीय गतिविधियों की जांच में शामिल हो गया है। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि उसके कई प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं से संबंध थे, जिससे उसके नेटवर्क और प्रभाव का दायरा और बड़ा माना जा रहा है।
अब तक पुलिस ने खरात के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिनमें एक गर्भवती महिला भी पीड़िता बताई जा रही है। महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक Sadanand Date ने पुष्टि की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
यह मामला अब केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सरकारी फंड के उपयोग, आर्थिक अनियमितताओं और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे कई बड़े सवाल भी शामिल हो गए हैं। आने वाले दिनों में जांच के और भी अहम खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह मामला और भी व्यापक रूप ले सकता है।

