मुहर्रम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतापगढ़ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को नजरबंद कर दिया है। प्रशासन के आदेश के बाद उनके आवास भदरी किले के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संबंधित नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
गुरुवार सुबह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भदरी किले पहुंची, जहां सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। जारी आदेश के अनुसार उदय प्रताप सिंह और अन्य नामित व्यक्ति निर्धारित अवधि तक अपने आवास से बाहर नहीं निकल सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह कदम मुहर्रम के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रतापगढ़ पुलिस और प्रशासन मुहर्रम को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। कुंडा उपजिलाधिकारी (SDM) के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
दरअसल, उदय प्रताप सिंह को पिछले कई वर्षों से मुहर्रम के अवसर पर एहतियातन नजरबंद किया जाता रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे ताजिया जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में मदद मिलती है। बताया जाता है कि इस दौरान उदय प्रताप सिंह की ओर से हनुमान मंदिर में भंडारे का आयोजन करने की घोषणा भी की जाती रही है, जिसे प्रशासन अनुमति नहीं देता।
इस परंपरा की पृष्ठभूमि वर्ष 2015 की एक घटना से जुड़ी है। उस समय शेखपुर आशिक गांव स्थित हनुमान मंदिर में बंदर की मौत की बरसी और मुहर्रम जुलूस को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष एहतियाती कदम उठाने शुरू किए। तभी से हर वर्ष मुहर्रम के दौरान उदय प्रताप सिंह को नजरबंद करने की कार्रवाई की जाती है।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति, सद्भाव और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।

