मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों से संवाद

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जीत कर आये प्रधानों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल संवाद किया,मुख्यमंत्री ने उनसे कहा की आपका दायित्व बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में जबकि कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच रही है, तब आपकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

पंचायती राज व्यवस्था हमारे लोकतांत्रिक प्रणाली की अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। यह हमारे लोकतंत्र की मजबूती के आधार है। आप सभी इस पद की गरिमा के अनुरूप इसके उद्देश्य को निश्चित ही सफल करेंगे।

सीएम ने कहा की मुझे प्रसन्नता है कि बहुत से ग्राम प्रधानों ने बगैर शपथ ग्रहण की औपचारिकता की प्रतीक्षा किये परिणाम के तत्काल बाद निगरानी समितियों के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया। पिछले दिनों मैं सहारनपुर गया था, वहां मैंने देखा कि एक महिला प्रधान, कोरोना मरीजों को अपने घर से भोजन उपलब्ध करा रहीं थीं। उनके रहने के लिए ग्राम पंचायत भवन का उपयोग किया। ऐसे अनेक प्रेरणास्पद कार्य पूरे प्रदेश में हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और जनता के सहयोग के कारण ही आज यह स्थिति है कि जिस प्रदेश के बारे में विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि मई में यहां हर दिन एक लाख केस आएंगे, वहां आज कुल मरीजों की संख्या 52000 है। बीते 24 घंटों में यहां मात्रा 2402 नए कोरोना मरीज पाए गए। हमारी रिकवरी रेट बहुत अच्छी है तो पॉजिटिविटी दर 01 से नीचे आ गई है।

हम कोरोना की दूसरी लहर से लड़ते हुए आज उस स्थिति में हैं, जहां से सजगता, सतर्कता, सावधानी बहुत आवश्यक है। ग्राम प्रधान के रूप में आप सभी अपने-अपने गांवों की निगरानी समितियों के अध्यक्ष हैं। हमारी निगरानी समितियों ने अब तक बहुत ही अच्छा कार्य किया है। एक-एक घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की, जरूरत के अनुसार उन्हें मेडिकल किट दिया। लोगों के टेस्ट कराए, क्वारन्टीन किया। निगरानी समितियों के पास इन्फ्रारेड थरमामीटर है, सैनीटाइज़र है। अब आप की देखरेख में यह कार्य तेजी से और आगे बढ़ेगा।

गांव में बाहर से कोई भी आये उस पर नजर रखें। पूरी सजगता बरतें। ‘मेरा गांव कोरोना मुक्त गांव’ के संदेश को हर ग्रामवासी का लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए पंचायतों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का भाव होना चाहिए।

– ग्राम प्रधान बंधुओं! यह कोरोना बहरूपिया है और धूर्त भी है। खुद भी सजग रहें और अपने ग्राम वासियों को भी जागरूक करें। यह सुखद है कि हमारे सर्वेक्षण में 68 फीसदी गांवों में शून्य संक्रमण होना पाया गया, लेकिन यह स्थिति बनी रहे, इसके लिए सावधानी जरूरी है।

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