बिहार की राजधानी में एक बार फिर उस समय हड़कंप मच गया, जब पटना सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह लगातार छठी बार है जब कोर्ट परिसर को इस तरह की धमकी मिली है। बुधवार तड़के करीब एक बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजे गए संदेश में कोर्ट परिसर में आरडीएक्स प्लांट किए जाने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं।
एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया और अदालती कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आम लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई, जिससे परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर 12 बजे से अदालत की कार्यवाही दोबारा शुरू करने की जानकारी दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही पीरबहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) और डॉग यूनिट को भी जांच में लगाया गया। टीमों ने कोर्ट के हर कमरे, गलियारे और पार्किंग क्षेत्र की गहन तलाशी ली, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी तरह के विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई थी।
यह छठी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पहले भी कई बार ईमेल के जरिए धमकियां दी गईं, लेकिन जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर बार की तरह इस बार भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल ट्रैकिंग माध्यमों के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर बार-बार इस तरह की धमकी कौन भेज रहा है और इसके पीछे क्या मकसद है। फिलहाल कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा जांच पूरी होने तक हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है।

