भारत निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग के अनुसार इन सीटों पर मतदान 16 मार्च 2026 को होगा और मतगणना भी उसी दिन शाम को कराई जाएगी। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा शामिल हैं। इन सीटों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में अलग-अलग तिथियों पर समाप्त हो रहा है।
चुनाव कार्यक्रम के तहत अधिसूचना 26 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 तय की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी। उम्मीदवार 9 मार्च 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना शाम 5 बजे से शुरू की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक संपन्न कर ली जाएगी।
राज्यसभा का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। चूंकि राज्यसभा कभी भंग नहीं होती, इसलिए इसे संसद का स्थायी सदन कहा जाता है। कुल 245 सदस्यीय राज्यसभा में से 233 सदस्य निर्वाचित होते हैं, जबकि शेष सदस्य मनोनीत किए जाते हैं।
सबसे अधिक 7 सीटें महाराष्ट्र में खाली हो रही हैं। यहां से सेवानिवृत्त होने वाले प्रमुख सदस्यों में शरदचंद्र गोविंदराव पवार, प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी और रामदास बंदू अठावले शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु (6 सीटें), पश्चिम बंगाल (5 सीटें) और बिहार (5 सीटें) में भी महत्वपूर्ण चुनाव होने हैं। तेलंगाना से डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, असम से भुवनेश्वर कलिता, हरियाणा से किरण चौधरी, और हिमाचल प्रदेश से इंदु बाला गोस्वामी सहित कई वरिष्ठ सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं। आगामी राज्यसभा चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे संसद के उच्च सदन में दलों की संख्या और समीकरणों पर प्रभाव पड़ सकता है।

