पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में भाग लेकर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। उनके नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस वैश्विक मंच पर शामिल हुआ, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में संभावनाओं और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस प्रतिनिधिमंडल में स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि, पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह और डी.जी.एस.ई. श्री अरविंद भी मौजूद रहे। प्रदर्शनी हॉलों के दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने विश्व-स्तरीय तकनीकी कंपनियों जैसे गूगल, डेलॉइट, इंटेल, ओपन एआई, एनवीडिया और डेल के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। बातचीत का मुख्य फोकस पंजाब की शिक्षा प्रणाली में उन्नत एआई तकनीकों को लागू कर भविष्य की शिक्षा को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना रहा।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से भी चर्चा की। इस दौरान देश की एआई रणनीति, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और प्रभावी गवर्नेंस मॉडलों की जानकारी प्राप्त की गई, जिन्हें पंजाब के स्कूलों में लागू किया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री ने एआई पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी अग्रणी संस्थाओं जैसे वाधवानी एआई, जीएनएएनआई एआई और बोध एआई के साथ भी विस्तृत बैठकें कीं। इन चर्चाओं में एआई-सक्षम स्कूल एप्लिकेशन, व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण (PAL), फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN), एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली, बहुभाषी शिक्षण उपकरण, शिक्षक सहायता तंत्र तथा मजबूत निगरानी प्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
एक्सपो के दौरान पंजाब स्टार्टअप पैवेलियन का दौरा करते हुए मंत्री ने राज्य सरकार के सहयोग से विकसित हो रहे एआई आधारित स्टार्टअप्स से भी संवाद किया। इन स्टार्टअप्स का उद्देश्य शिक्षा तकनीक के क्षेत्र में पंजाब को एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह दौरा पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को भविष्य की आवश्यक तकनीकों से लैस करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि एनवीडिया, गूगल और ओपन एआई जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं ने राज्य को स्पष्ट रणनीतिक दिशा प्रदान की है। अब सरकार विशेष रूप से व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण और एआई के माध्यम से बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि MeitY और शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए मजबूत नीतिगत ढांचे के साथ इन तकनीकों को जोड़कर ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसमें तकनीक शिक्षकों के लिए एक प्रभावी साधन और प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक व्यक्तिगत मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी। पंजाब सरकार का यह कदम राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

