टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का अब तक प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्होंने टूर्नामेंट में खेले गए तीनों मैचों में खाता भी नहीं खोला और हर बार डक पर पवेलियन लौटे। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने उनके प्रदर्शन को लेकर किसी तरह की घबराहट या आंतरिक चर्चा से इनकार किया है। अब जबकि भारत सुपर-8 चरण में पहुंच चुका है, साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले अभिषेक की फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है।
भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने स्पष्ट किया कि टीम के भीतर अभिषेक के खराब प्रदर्शन को लेकर कोई नकारात्मक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अभिषेक को सिर्फ एक अच्छी शुरुआत की जरूरत है और उसके बाद वह अपनी लय पकड़ लेंगे। मोर्केल के मुताबिक, टीम के अन्य खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी उठाकर रन बनाए हैं, जिससे दबाव कम हुआ है, लेकिन अब टूर्नामेंट के निर्णायक चरण में सभी खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
शुक्रवार के अभ्यास सत्र में अभिषेक को मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ लंबी बातचीत करते देखा गया। गंभीर उन्हें कुछ तकनीकी पहलुओं पर मार्गदर्शन देते नजर आए और अभिषेक ने पूरी एकाग्रता के साथ उनकी बातों को सुना। इसके बाद उन्होंने कैचिंग अभ्यास भी किया और नेट्स में अन्य बल्लेबाजों को गेंदबाजी करते हुए भी दिखाई दिए। टीम प्रबंधन का मानना है कि अत्यधिक दबाव लेने के बजाय संतुलित तैयारी अधिक कारगर साबित होगी।
मोर्केल ने कहा कि दर्शक अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी देखना पसंद करते हैं और टीम को भी उनके रन की जरूरत है। उन्हें भरोसा है कि अभिषेक गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रहे हैं और बस एक अच्छी पारी की देर है। एक बार लय मिलने के बाद वह मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में भारत का सामना साउथ अफ्रीका से 22 फरवरी को होगा। इसके बाद टीम 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज से भिड़ेगी। ग्रुप स्टेज में जिम्बाब्वे ने उलटफेर कर सबको चौंकाया है, ऐसे में भारतीय टीम किसी भी विरोधी को हल्के में नहीं लेना चाहेगी।
ऐसे में नजरें अब अभिषेक शर्मा पर टिकी हैं कि क्या वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने बल्ले से जवाब दे पाएंगे या टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिलेगा। सुपर-8 के अहम चरण में उनका प्रदर्शन भारतीय टीम के अभियान के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

