उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के साथ ही करीब 24 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया और देश को एक विश्वस्तरीय हवाई अड्डा मिल गया है। यह एयरपोर्ट 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसे एशिया का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बताया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन और रनवे का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट भारत के तेजी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भविष्य में यहां हर 2 मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा, जो इसकी विशाल क्षमता और आधुनिक तकनीक को दर्शाता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के एविएशन सेक्टर को नई गति मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल के अंत तक यहां से उड़ान सेवाएं शुरू होने की संभावना है। पहले चरण में घरेलू और कार्गो उड़ानों का संचालन किया जाएगा, जबकि धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी शामिल किया जाएगा। शुरुआती दौर में 10 शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी, जिसे आगे बढ़ाकर 65 शहरों तक विस्तार देने की योजना है।
इस एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित होंगे। इससे प्रदेश में निवेश, व्यापार और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में किया जा रहा है और सभी चरण पूरे होने के बाद यह देश और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।
देश के अन्य प्रमुख एयरपोर्ट्स की बात करें तो दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यात्री क्षमता के हिसाब से सबसे बड़ा और व्यस्त एयरपोर्ट है, जहां से हर साल करोड़ों यात्री यात्रा करते हैं। वहीं हैदराबाद का राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा माना जाता है। बेंगलुरु का केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पूर्ण विकसित होने के बाद इसकी यात्री क्षमता 7 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है, जो इसे भविष्य में एक प्रमुख ग्लोबल एविएशन हब के रूप में स्थापित करेगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

