पंजाब के अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे निंदनीय करार दिया है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि बिना पूरी जांच के इस तरह के बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है, खासकर तब जब मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हो।
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पंजाब एक संवेदनशील राज्य है, जो पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ है। ऐसे में किसी भी आतंकी घटना पर बयान देने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के डीजीपी ने प्रारंभिक जांच में इस घटना के पीछे ISI की भूमिका होने की आशंका जताई है, जो इस मामले को और गंभीर बनाता है। उनके अनुसार, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां पहले भी देखी गई हैं।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि भगवंत मान का बयान राजनीतिक फायदे के लिए दिया गया है और इसके पीछे आम आदमी पार्टी के नेतृत्व का दबाव हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की संवेदनशील घटनाओं पर राजनीति करना उचित नहीं है और इससे सुरक्षा एजेंसियों के काम पर भी असर पड़ सकता है।
इस दौरान संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव प्रक्रिया और सरकार पर सवाल उठाते हैं, लेकिन खुद चुनावी जिम्मेदारियों से दूर रहते हैं। पात्रा ने उन्हें “अनफिट लीडर” बताते हुए कहा कि उनके बयानों का जवाब जनता समय आने पर देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में INDIA गठबंधन में दरार पड़ सकती है और इसका ठीकरा राहुल गांधी पर फूटेगा।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जहां कुछ राज्यों के नेताओं ने चुनावी नतीजों के बाद इस्तीफा देकर लोकतांत्रिक परंपरा का पालन किया, वहीं ममता बनर्जी ऐसा नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा और अराजकता का माहौल बना, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ता भाजपा का प्रतीक चिन्ह पहनकर हिंसा कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हालत में हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पंजाब में हुए धमाकों की जांच जारी है, लेकिन इस बीच राजनीतिक बयानबाजी ने माहौल को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे मामले को नई दिशा दे सकती हैं।

