पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। कोलकाता के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने को पार्टी ने ऐतिहासिक क्षण बताया है।
शपथ ग्रहण से पहले शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए लिखा कि यह पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक सुबह है और “सिटी ऑफ जॉय” में प्रधानमंत्री का स्वागत करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार राज्य में भाजपा सरकार का गठन संस्थापक नेताओं के सपनों को साकार करने जैसा है।
इससे पहले शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया था। केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में अमित शाह ने उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा कि विधायक दल की बैठक में सभी प्रस्ताव और समर्थन केवल शुभेंदु अधिकारी के पक्ष में आए। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
चार मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों में भाजपा ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। वहीं पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर ही जीत मिली। चुनाव परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में लगातार तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला।
चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा पर “वोट लूट” और चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है और 100 से ज्यादा सीटों पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने शुरुआती दौर में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया था। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना लोकतंत्र के खिलाफ है।
राजनीतिक विवाद के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर एन रवि ने सात मई को विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया, जिसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। भाजपा ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया।
इस दौरान राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। कई जगहों पर पार्टी कार्यालयों और कार्यकर्ताओं पर हमलों की खबरें आईं। वहीं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। भाजपा ने इस हत्या को सुनियोजित हमला बताया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी और भाजपा पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट रहने की अपील की थी।
अब भाजपा सरकार के गठन के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। भाजपा इसे “परिवर्तन” की जीत बता रही है, जबकि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और हालिया घटनाओं को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में नई सरकार के फैसलों और विपक्ष की रणनीति पर पूरे देश की नजर रहेगी।

